सत्यपाल मलिक कश्मीर, लद्दाख के पहले उप राज्यपाल; खत्म होगी विधान परिषद

निचे वीडियो देखिये – क्या कहा जम्मू के राज्यपाल ने ?



जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के साथ प्रदेश के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का ओहदा बदल जाएगा। वह केंद्र शासित राज्य जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों के पहले उप राज्यपाल होंगे। यह बात अलग है कि राज्यपाल से उप राज्यपाल बनने के बावजूद उनके अधिकार पहले के मुकाबले काफी बढ़ जाएंगे।

दूसरी तरफ, केंद्र शासित राज्य बनने के बाद प्रदेश सरकार के अधिकार भी सीमित होंगे। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे उप राज्यपाल के पास होगी। संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप कहते हैं कि पुडुचेरी में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी उप राज्यपाल के पास है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की कानून व्यवस्था उप राज्यपाल संभालेंगे।



जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक में कहा गया है कि इस विधेयक के लागू होने के दिन से राज्य के मौजूदा राज्यपाल केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उप राज्यपाल होंगे। उप राज्यपाल राष्ट्रपति के अगले आदेश तक दोनों केंद्र शासित राज्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। माना जा रहा है कि बाद में दोनों प्रदेशों में अलग-अलग उप राज्यपाल होंगे।

मंत्रियों की संख्या घटेगी
केंद्र शासित राज्य बनने से जम्मू-कश्मीर में सरकार के गठन पर मंत्रियों की संख्या कम हो जाएगी। अभी कुल विधायकों की संख्या के 15% मंत्री बनाए जा सकते थे। पर केंद्र शासित राज्य बनने के बाद कुल विधायकों की संख्या के सिर्फ दस फीसदी ही मंत्री बनाए जा सकते है।



विधान परिषद खत्म होगी
पुनर्गठन विधेयक के कानून की शक्ल लेते ही जम्मू-कश्मीर विधान परिषद खत्म हो जाएगी। 36 सदस्यों वाली जम्मू-कश्मीर विधान परिषद के सामने जितने भी विधेयक लंबित हैं, वह सभी खत्म हो जाएगें। सुभाष कश्यप कहतें हैं कि किसी भी केंद्र शासित राज्य में विधान परिषद नहीं है।

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