येदियुरप्पा ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, कहा- 29 जुलाई को बहुमत साबित करूंगा

बेंगलुरु. भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने कहा- सोमवार को मैं बहुमत साबित करूंगा। इसके बाद फाइनेंस बिल पास होगा। मंत्रिमंडल के गठन पर येदि ने कहा- मैं अमित शाह जी और अन्य नेताओं से चर्चा करूंगा। यदि जरूरी हुआ तो कल दिल्ली जाऊंगा। इसके बाद इस पर निर्णय लेंगे। ज्योतिष पर भरोसा करने वाले येदि ने शपथ ग्रहण से पहले अपने नाम में से एक डी हटाकर उसकी जगह आई शामिल कर लिया। अब उनका नाम Yeddyurappa की जगह Yediyurappa लिखा जाएगा।




येदि के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को बीएस येदियुरप्पा और कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार के खिलाफ नौ साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले को पुन: खोलने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया। याचिका एक एनजीओ समाज परिवर्तन समुदाय द्वारा दायर की गई थी। मामला कर्नाटक भूमि हस्तांतरण प्रतिबंधित करने संबंधी कानून के विपरीत 4.20 एकड़ भूमि को कथित रूप से गैर अधिसूचित करने से संबंधित है।

येदि पहली बार केवल 7 दिन सीएम रहे

येदि ने 2007 में पहली बार कर्नाटक के सीएम पद की शपथ ली थी, लेकिन तब वे केवल 7 दिन इस पद पर रहे थे। इसके बाद वे 2008 में सीएम बने, तब वे 3 साल 66 दिन तक इस पद पर रहे। इसके बाद 17 मई 2018 को उन्होंने सीएम पद की शपथ ली और 3 दिन बाद उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।

मंत्रिमंडल पर शाह और नड्डा से हुई चर्चा

येदि के मंत्रिमंडल पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ। इस पर चर्चा के लिए गुरुवार को कर्नाटक के भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचा। इसमें भाजपा नेता जगदीश शेट्टार और अरविंद लिम्बावली समेत वरिष्ठ नेता शामिल थे। चर्चा के बाद इन नेताओं ने कहा था कि सरकार बनाने पर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व का होगा।




येदियुरप्पा के लिए मंत्रिमंडल गठन चुनौतीपूर्ण

भावी मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के लिए मंत्रिमंडल का गठन सबसे बड़ी चुनौती होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 बागियों समेत 56 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने 3 या इससे ज्यादा चुनाव जीते हैं। इन सभी को उम्मीद है कि नई सरकार में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या फिर बड़ा रोल। लेकिन, कर्नाटक में मुख्यमंत्री समेत केवल 34 पद स्वीकृत हैं। बताया जा रहा है कि येदि बागियों समेत इन वरिष्ठों को भी नाराज करना नहीं चाहते।

स्पीकर ने तीन विधायकों को अयोग्य घोषित किया

विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार ने गुरुवार को निर्दलीय विधायक आर. शंकर समेत कांग्रेस के दो बागी विधायक रमेश एल.जे. और  महेश कुमाथली को अयोग्य घोषित किया। बागी विधायकों ने एचडी कुमारस्वामी सरकार से समर्थन वापस लिया था। स्पीकर को कांग्रेस और जेडी(एस) के बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेना है। स्पीकर ने कहा, ”मैं इस मामले में किसी फैसले पर पहुंचने के लिए विवेक का इस्तेमाल करूंगा ताकि सुप्रीम कोर्ट ने मुझ पर जो भरोसा दिखाया है, वह कायम रहे। बागी विधायकों के मेरे पास आने की समयसीमा खत्म हो चुकी है। कानून सभी के लिए बराबर है। फिर वो मजदूर हो या फिर देश का राष्ट्रपति।”

चार दिन चर्चा के बाद फ्लोर टेस्ट में फेल हुए थे कुमारस्वामी




23 जुलाई की शाम को कुमारस्वामी सरकार फ्लोर टेस्ट में फेल हो गई थी। विश्वास मत के दौरान स्पीकर को हटाकर सदन में विधायकों की संख्या 204 थी। बहुमत के लिए 103 का आंकड़ा जरूरी था। कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में 99 वोट पड़े, जबकि विरोध में 105 वोट पड़े। कुमारस्वामी 14 महीने से 116 विधायकों के साथ सरकार चला रहे थे, लेकिन इसी महीने 15 विधायक बागी हो गए। यहीं से सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ गई थीं।

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